दिल पे लगेगी...... तो बात बनेगी

कोई तो तूफ़ा है जो धुल उड़ा रहा है
ज़िंदगी के आईने को धुंधला कर रहा है
पानी बनकर किसी को तो बरसना होगा
इस धुल को उड़ने से रोकना होगा
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
कब तक यूहीं एक जिंदा ज़िंदगी दफ़न होती रहेगी
एक नन्ही सी कली खिलने से पहले तोड़ी जाती रहेगी
या फिर कोई बनकर वीरांगना उठ खड़ी होगी
कोई फर्क नहीं, बेटा हो या बेटी ये कहेगी
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
ये वेहशी दरिंदे क्या यूहीं घुमते रहेंगे
कभी सरे बाज़ार, कभी छुपकर आबरू लूटते रहेंगे
या फिर कोई बनकर कृष्ण उठ खड़ा होगा
चीर हरण द्रौपदी का होने से रोख लेगा
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
ये लालच की आग क्या यूहीं दहकती रहेगी
दहेज़ की अग्नि में क्या नारी यूहीं सती होती रहेगी
या फिर कोई बनकर महाकाल उठ खड़ा होगा
इस प्रथा को मृत्यु दंड सुना देगा
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
ये भ्रष्टाचार कब तक राज हम पर करता रहेगा
ज़मीर को हमारे अपना गुलाम बनाये रखेगा
या फिर कोई बनकर गाँधी उठ खड़ा होगा
इस भ्रष्ट तंत्र से हमे आज़ाद कराएगा
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
ये जात-पात-धर्म की दीवार कब तक खड़ी रहेगी
हम एक नहीं, ये दर्शाती रहेगी
या फिर कोई बनकर अश्फाख, अंबेडकर उठ खड़ा होगा
इस रूडीवादी मानसिकता को चुनोती देगा
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
यूं तो समाज हमारा अनेक रोगो से ग्रस्त है
पर करना हमे ही इसे दुरुस्त है
हम ही वजह, हम ही दवा हैं इसकी
अब सोचना नहीं, कदम बढ़ाना है
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
चाहे छूना हो सफलता का कोई शिखर
या वजह बननी हो किसी बदलाव की
कर्म ही सिर्फ रास्ता है हर मंजिल पाने का
कोई कीमत नहीं सिर्फ सोचते रहने की
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी, वरना ज़िंदगी यूहीं चलती रहेगी.......
आमीन!
ReplyDeleteसच में दिल पर लगे.... दिल्लगी ना बन कर रह जाए!
आशीष
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ढ़पोरशंख: द म्युज़िकल!!!
very true sir...... salute yr thoughts.....
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